anandpur satsang

Monday, February 27, 2006

azad bani आजाद वाणी

श्री सत गुरु देवाय नम:

1-आजाद लोभ ना कीजिए,लोभ पाप का मूल
लोभ के मन मे आत ही,धर्म जाए सब भूल

2-आजाद मांगो मत कछु,मांगन से यश जाए
मागंन से ही देखो हरी, वामन थे कहाए

3-आजाद सत्संग मे रहो,दु:ख रहेगें दूर
काल माया व्यापे नही,सुख रहे भरपूर

4-आजाद जगमे है सभी,स्वारथ के ही मीत
झूठे जग के नाते है, झूठी जग की प्रीत

5-आजाद नाम जपते रहो,गुरु चरणी चित जोड़
सुमिरण के प्रताप से, जग का बन्धन तोड़

6-आजाद गर्व ना कीजिए,धन,योवन को पाय
दो दिन के मेहमान सब,काल सभी को खाय

7-आजाद जग मे आए कर,उतम कर्म कमाए
धन ना जाए परलोक मे,कर्म ही संग जाए

8-आजाद इस मन को, खाली कभी ना छोड़
या तो सेवा करता रह,या सुमिरण मे जोड़

9-आजाद अच्छी पुस्तके, विद्वानो की मीत
भक्ति-साधन बन सकते है,चित्रकला,संगीत

10-आजाद मोह ना कीजिए,मोह दु:खो की खान
मोह ममता को छोड़ दे, तभी मिले भगवान




11-आजाद नन्द किशोर से, सच्ची करना प्रीत
इच्छा कोई ना रहे, यही प्रीत की रीत

12-आजाद मीठा बोलना, सन्तो का है काम
कटु-वचन भी सहन कर,जपना हरदम राम

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